Levels
of Connectivity-अगर
आप इंटरनेट से जुडी चीजों में intrest रखते है तो आपने connectivity का नाम जरूर सुना
होगा इसके कुछ लेवल होते है तो आज हम इस पोस्ट में जानेगे की वह level कौन से होते
है और इन्हे connect किया जाता है
लेवल ऑफ़ कनेक्टिविटी तीन प्रकार की होती है
लेवल ऑफ़ कनेक्टिविटी तीन प्रकार की होती है
- Level 1 connectivity
- Level 2 connectivity
- Level 3 connectivity
Level 1 Connectivity
– level
1 connectivity गेटवे द्वारा होती है | इसमें केवल गेटवे द्वारा प्रदत्त सेवाए मिल सकती है |
level 2 connectivity – level 2 connectivity किसी होस्ट से जुड़कर अर्जित कि जाती है |host का मतलब ISP(Internet service provider) यह होस्ट internet से connectivity प्रदान करता है इस प्रकार के होस्ट से जुड़ने के लिए हमे मॉडेम कि आवश्यकता होती है | यह internet से कनेक्ट होने का सबसे प्रचलित तरीका है
level 2 connectivity – level 2 connectivity किसी होस्ट से जुड़कर अर्जित कि जाती है |host का मतलब ISP(Internet service provider) यह होस्ट internet से connectivity प्रदान करता है इस प्रकार के होस्ट से जुड़ने के लिए हमे मॉडेम कि आवश्यकता होती है | यह internet से कनेक्ट होने का सबसे प्रचलित तरीका है
level 3
connectivity – कुछ कंपनिया SLIP तथा PPP का प्रयोग करके level 3
connectvity प्रदान करती है | SLIP और PPP दोनों प्रोटोकॉल है
SLIP- यह यूनिक्स (UNIX ) Operating System में Internet सुविधा प्राप्त करने के लिए बनाया गया एक Protocol है इसका पूरा नाम सीरियल लाईन इन्टरनेट Protocol (Serial Line Internet Protocol: SLIP) है। यह Internet का सबसे पुराना तथा अपने समय का सबसे प्रचलित Internet है जो किसी Telephone Line को Modem की सहायता से Computer एक दूसरे से जोड़ता है। यह एक साधारण Internet Link Protocol है जो न तो Address और न ही गलती का नियंत्रण करता है इसको एक नए protocol में change कर दिया गया है जिसका नाम PPP है | SLIP में निम्न कमियाँ थी
SLIP- यह यूनिक्स (UNIX ) Operating System में Internet सुविधा प्राप्त करने के लिए बनाया गया एक Protocol है इसका पूरा नाम सीरियल लाईन इन्टरनेट Protocol (Serial Line Internet Protocol: SLIP) है। यह Internet का सबसे पुराना तथा अपने समय का सबसे प्रचलित Internet है जो किसी Telephone Line को Modem की सहायता से Computer एक दूसरे से जोड़ता है। यह एक साधारण Internet Link Protocol है जो न तो Address और न ही गलती का नियंत्रण करता है इसको एक नए protocol में change कर दिया गया है जिसका नाम PPP है | SLIP में निम्न कमियाँ थी
PPP
- जब दो Computer के मध्य सीधे ही कोई सम्बन्ध होता है जिसके की वे आपस में संचार कर सकते है तो इस प्रकार के Data संचार में Point to Point
Protocol काम लिया जाता है। PPP भी TCP/IP
समूह का एक सदस्य Protocol है। यह पूर्णत Duplex Protocol है अर्थात यहां जुडे़ दोनों Computer एक दूसरे से संचार कर सकते है। यह SLIP की तुलना में एक बहुत अधिक विकसित Protocol है इसी कारण से यह बदल रहा है , क्योंकि यह ज्यादा Data का Transmitted कर सकता है और Internet पर Data Transmitted
के लिए बहुत अच्छा है।
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